
देवेश प्रताप सिंह राठौर/लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता तथा स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अफवाह फैलाने वालों, उपद्रवियों और अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रामक और मिथ्या समाचारों का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए तथा धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या अव्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व है। लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता सामाजिक एकता का संदेश दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ अनेक सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हैं। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि सीमावर्ती राज्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है तथा गाजियाबाद से अब तक करीब 70 हजार कांवड़ यात्री गुजर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए तथा उर्स के दौरान इस्लामिक समुदाय द्वारा शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए किए गए शाकाहारी भोजन वितरण की सराहना की।मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन वितरण व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी किसी भी हालत में न होने पाए, खतौनी का सत्यापन कर ही खाद का वितरण किया जाए तथा नेपाल सीमा से सटे जनपदों में विशेष निगरानी रखी जाए।महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने प्रदेश में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने, शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित बलिया, बाराबंकी, उन्नाव सहित आठ जनपदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचे तथा सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में तटबंधों की सुरक्षा मजबूत की जाए। बलिया में कटान प्रभावित परिवारों को शीघ्र भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। राहत आयुक्त द्वारा अगले एक सप्ताह तक अच्छी वर्षा की संभावना जताए जाने पर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को पूरी सतर्कता और पूर्व तैयारी बनाए रखने को कहा।मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले वाहन ही संचालित किए जाएं। साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य सत्यापन कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव गृह, राहत आयुक्त तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

