
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित पन्नालाल सभागार में आयोजित एक बैठक के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है, जिससे पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक शुरू होने से पहले ही कुछ अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ और कनिष्ठ पत्रकारों को उनकी सीटों से उठाकर आगे-पीछे बैठने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि कुछ पत्रकारों को हाथ पकड़कर अंतिम पंक्ति में बैठने के लिए कहा गया, जिसे पत्रकारों ने अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया। पत्रकारों का कहना है कि वे जनहित के मुद्दों को सामने लाने के लिए अपने समय और संसाधन लगाते हैं और समाज व प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान पर सवाल खड़े करता है। बताया जा रहा है कि सूचना विभाग से जुड़े एक अधिकारी द्वारा भी एक पत्रकार के साथ अभद्रता की गई, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। इस घटना के बाद पत्रकारों में रोष बढ़ गया है और उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो वे इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं, प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों की गरिमा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।




