
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल, केंद्रीय गृह सचिव, थलसेना प्रमुख, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदेशक तथा गृह मंत्रालय, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए यात्रा के लिए एकीकृत और अभेद्य सुरक्षा तंत्र तैयार करने के निर्देश दिए। गृह मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, उन्नत निगरानी प्रणाली और अन्य तकनीकी संसाधनों को पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के निर्देश भी दिए। अमित शाह ने कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिविर स्थलों पर लगातार मौजूद रहकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। श्रद्धालु यात्रा पंजीकरण और अन्य जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में गृह मंत्री को बताया गया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय निवासियों और घोड़ा-खच्चर संचालकों सहित पशुओं का भी पंजीकरण किया जाएगा तथा उन्हें क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम की स्थिति और मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, अमरनाथ यात्रा मार्ग के अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में यात्रा और पर्यटन का लाभ उठा सकें। बैठक में यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, चिकित्सा सुविधाओं और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूत करने पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का भरोसा दिया।



