Thursday, April 23, 2026
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बीएमसी एच/पूर्व विभाग ‘राम भरोसे’: अहम पद खाली, जनसुविधाएं हो रही प्रभावित!

मुंबई। देश की सबसे बड़ी नगर निकायों में शामिल बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का एच/पूर्व विभाग इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट से जूझ रहा है। विभाग में लंबे समय से महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर विकास कार्य और नागरिक सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, विभाग में विभागीय कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer) का पद 31 मार्च 2026 से खाली है, जबकि पदनिर्देशित अधिकारी (Designated Officer – DO) का पद पिछले लगभग चार वर्षों से रिक्त पड़ा है। इतना ही नहीं, इमारत एवं कारखाना विभाग में स्वीकृत तीन सहायक अभियंताओं में से एक भी सक्रिय रूप से कार्यरत नहीं है। एक अधिकारी, वैभव चंदनशिवे, पिछले चार महीनों से कार्यालय में अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। वर्तमान में सहायक आयुक्त मृदुला अंडे अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर प्रभारी DO का कार्य संभाल रही हैं, लेकिन इतने बड़े विभाग का संचालन सीमित संसाधनों के साथ करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वहीं, कनिष्ठ अभियंताओं के कई पद भी खाली हैं और कुछ अभियंताओं के तबादले की स्थिति में विभाग का काम और अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। एच/पूर्व विभाग के अंतर्गत आने वाले लगभग 10 वार्डों में बड़ी संख्या में झुग्गी बस्तियां शामिल हैं, जहां पहले से ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
जमीनी हकीकत चिंताजनक
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके में गंदगी, टूटी सड़कें, अवैध निर्माण और पानी की किल्लत जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। अधिकारियों की कमी के चलते इन समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 22 अप्रैल 2026 को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिडे द्वारा एच/पूर्व विभाग के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।
प्रशासन पर उठे सवाल: शहर के नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण विभाग को बिना पूर्ण प्रशासनिक ढांचे के कैसे चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही खाली पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावित हो सकती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे मामले पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर बनी यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
नियुक्तियों की मांग तेज: स्थानीय लोगों ने बीएमसी प्रशासन से मांग की है कि बीएमसी एच/पूर्व विभाग में रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल सकें। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या बीएमसी प्रशासन ‘राम भरोसे’ चल रहे विभाग को संजीदगी से लेगा, या फिर समस्याएं यूं ही बढ़ती रहेंगी?

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