
तालुका और गांव स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर, लंबित प्रस्तावों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश
मुंबई। मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना का प्रभावी और तेजी से क्रियान्वयन कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाया जाए। मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मंत्रालय में राणे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजना के विभागीय स्तर पर क्रियान्वयन और जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रत्येक जिले में योजना की मौजूदा स्थिति, स्वीकृत प्रकरणों, लाभार्थियों की संख्या, लंबित प्रस्तावों, मत्स्य तालाबों की उपलब्धता और क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली गई। जिन जिलों में योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। नितेश राणे ने कहा कि योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए तालुका और गांव स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में मत्स्य व्यवसायियों, मत्स्य किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को योजना की पात्रता, उपलब्ध घटकों, अनुदान, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में मत्स्य तालाबों की संख्या अधिक है, वहां योजनाबद्ध तरीके से जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजना से जुड़ सकें। मंत्री राणे ने योजना के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक, तकनीकी और आर्थिक बाधाओं को तत्काल दूर करने तथा लंबित प्रस्तावों की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा में निर्णय लेने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को अनुदान समय पर मिले, इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है। राणे ने कहा कि मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा देने, उत्पादन में वृद्धि, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। बैठक में मत्स्य व्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार सहित सभी प्रादेशिक उपायुक्त और सहायक आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

