
मुंबई। मुंबई महानगर में यातायात की समस्या कम करने और नागरिकों को सुगम तथा निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने महत्वाकांक्षी मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) परियोजना पर काम तेज कर दिया है। परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई के तटीय क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे और वर्सोवा से भायंदर का मौजूदा 90 से 120 मिनट का सफर घटकर केवल 15 से 20 मिनट रह जाने का दावा है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने परियोजना स्थल का दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) इंटरचेंज और संपर्क मार्गों सहित करीब 60 किलोमीटर लंबी मेगा परियोजना है, जिसके जरिए वर्सोवा और भायंदर को कोस्टल रोड से जोड़ा जाएगा। परियोजना का निर्माण ए, बी, सी, डी, ई, एफ और दहिसर-भायंदर लिंक रोड (DBLR) सहित कुल सात पैकेज में किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसमें डबल एलिवेटेड रोड, मैंग्रोव क्षेत्र में स्टिल्ट पर सड़क, दो केबल स्टेड ब्रिज, चार बास्केट ब्रिज, करीब 15 मीटर व्यास की दो ट्विन टनल और 10 इंटरचेंज बनाए जाएंगे। परियोजना के पैकेज-सी में माइंडस्पेस मालाड से चारकोप खाड़ी तक उत्तर दिशा में जाने वाली 3.9 किलोमीटर लंबी सुरंग, जबकि पैकेज-डी में चारकोप खाड़ी से माइंडस्पेस मालाड तक दक्षिण दिशा में जाने वाली 3.9 किलोमीटर लंबी दूसरी सुरंग का निर्माण शामिल है। अभिजीत बांगर ने दोनों पैकेज के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। चारकोप में सुरंग निर्माण के लिए शाफ्ट बनाया जाएगा, जिसके लिए 65 मीटर × 40 मीटर क्षेत्र में खुदाई और पाइलिंग का काम शुरू हो चुका है। सुरंग खोदने वाली टनल बोरिंग मशीन (TBM) के हिस्से दिसंबर 2026 में उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद करीब दो महीने में TBM की असेंबली पूरी कर पहली सुरंग की खुदाई शुरू करने की योजना है, जबकि दूसरी TBM की असेंबली जून तक पूरी कर दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू की जाएगी। बांगर ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को परियोजना के सभी कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता (सड़क एवं यातायात) मांतय्या स्वामी, कार्यकारी अभियंता वैभव गांधी सहित संबंधित अभियंता और सलाहकार उपस्थित थे।

