तीन घरफोड़ी मामलों का खुलासा, वाहन समेत ₹9.14 लाख का मुद्देमाल बरामद

मुंबई। नायगांव पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा ने घरफोड़ियों को ऐसा सबक सिखाया कि अब वे घर फोड़ने की बजाय खुद ही घर बैठकर पछताएंगे। पुलिस ने मोईनुद्दीन निजामुद्दीन शेख (47) और दिलीपकुमार रामरतन जैसवाल (50) को गिरफ्तार कर तीन घरफोड़ी मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल वाहन समेत कुल ₹9 लाख 14 हजार 900 का मुद्देमाल बरामद किया गया है। यानी चोर चोरी का माल समेटते रहे और पुलिस ने माल के साथ उनकी गाड़ी भी अपने कब्जे में ले ली। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मोईनुद्दीन शेख इस धंधे में कोई नया खिलाड़ी नहीं है। उसके खिलाफ मुंबई, ठाणे, पालघर और जलगांव में पहले से ही सात मामले दर्ज हैं। यानी साहब का ‘अनुभव’ ऐसा कि घरफोड़ी का कोई कोर्स होता तो शायद मास्टर ट्रेनर की कुर्सी इन्हीं के नाम होती। लेकिन नायगांव पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ उनकी इस कथित ‘मास्टर डिग्री’ पर भी ब्रेक लगा दिया। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की गतिविधियों और वारदातों की कड़ियां जोड़ते हुए तीन घरफोड़ी मामलों का पर्दाफाश किया। आरोपियों से बरामद सामान और वाहन की कुल कीमत ₹9,14,900 बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों की अन्य वारदातों में भी संलिप्तता तो नहीं रही है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त अशोक विरकर, सहायक पुलिस आयुक्त देवेंद्र पोळ, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे और पुलिस निरीक्षक अभिजीत मडके के मार्गदर्शन में की गई। नायगांव पुलिस की इस कार्रवाई ने घरफोड़ियों को साफ संदेश दे दिया है—घर का ताला तोड़ना भले आसान लगे, लेकिन पुलिस की नजर से बच निकलना उतना आसान नहीं।

