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रेबीज रोकने के लिए KDMC का बड़ा अभियान, 60 हजार आवारा कुत्तों को लगेगा टीका

पहले चरण में 20 हजार कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण, सभी वार्डों में चलेगा अभियान

कल्याण। रेबीज के प्रसार को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) ने शहरभर में आवारा कुत्तों के लिए बड़े पैमाने पर एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में करीब 60 हजार आवारा कुत्तों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की औपचारिक शुरुआत कल्याण के बिड़ला कॉलेज परिसर से की गई। पहले चरण में महानगरपालिका ने 20 हजार आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए अलग-अलग इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें आवारा कुत्तों की पहचान कर उनका टीकाकरण करने के साथ ही टीका लगाए गए कुत्तों का रिकॉर्ड भी रखेंगी। अभियान को केवल चुनिंदा इलाकों तक सीमित न रखते हुए चरणबद्ध तरीके से KDMC के सभी वार्डों में चलाया जाएगा। विशेष रूप से रिहायशी इलाकों, सार्वजनिक स्थानों और उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां आवारा कुत्तों की संख्या अधिक है। रेबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से इंसानों में फैल सकती है। ऐसे में आवारा कुत्तों का व्यापक टीकाकरण रेबीज संक्रमण की रोकथाम और नागरिकों में इसके खतरे को कम करने का महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक बार चलाया जाने वाला अभियान नहीं होगा, बल्कि रेबीज की रोकथाम के लिए टीकाकरण को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरे महानगरपालिका क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए KDMC ने नागरिकों और पशु प्रेमियों से भी सहयोग मांगा है। नियमित रूप से आवारा कुत्तों की देखभाल करने वाले नागरिक टीकाकरण टीमों को अपने इलाके के कुत्तों की पहचान कराने और उन तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार ऐसे कुत्तों तक पहुंचना मुश्किल होता है, जिनसे स्थानीय नागरिक और पशु प्रेमी पहले से परिचित होते हैं। ऐसे में उनका सहयोग टीकाकरण की गति बढ़ाने में मददगार साबित होगा। KDMC की महापौर हर्षाली चौधरी ने नागरिकों और पशु प्रेमियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करते हुए महानगरपालिका की टीमों का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर को रेबीज के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है। बिड़ला कॉलेज से शुरू हुए पहले चरण में 20 हजार कुत्तों का टीकाकरण पूरा करने के बाद अभियान को कल्याण-डोंबिवली के अन्य इलाकों में विस्तार दिया जाएगा। महानगरपालिका का लक्ष्य व्यवस्थित तरीके से कुल 60 हजार आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज टीका लगाकर रेबीज संक्रमण के खतरे को कम करना और नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।

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