
सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी सहायता राशि, पुराने कर्ज की वसूली में रकम नहीं काट सकेंगे बैंक
मुंबई। महाराष्ट्र में जून और जुलाई 2026 के दौरान अतिवृष्टि, बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 23 करोड़ 33 लाख 31 हजार रुपये की सहायता मंजूर की है। गुरुवार को राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटील ने बताया कि सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले से अमरावती, पुणे, नागपुर और कोंकण संभाग के कुल 17,245 प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी। राज्यभर में करीब 11,207.79 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान के लिए यह राशि मंजूर की गई है। राहत एवं पुनर्वास विभाग ने 27 अगस्त 2026 को इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया है। मंत्री मकरंद जाधव पाटील ने स्पष्ट किया कि किसानों को मिलने वाली सहायता राशि को बैंक उनके किसी पुराने कर्ज खाते में समायोजित नहीं कर सकेंगे और न ही बकाया कर्ज की वसूली के लिए इस रकम को काटा जा सकेगा। सभी बैंकों को इस संबंध में सख्त निर्देश देने के लिए जिलाधिकारियों से कहा गया है। अमरावती संभाग के अमरावती, अकोला, यवतमाल और बुलढाणा जिलों के 9,683 प्रभावित किसानों के लिए 13 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। पुणे संभाग के पुणे और सातारा जिलों के 6,885 किसानों को 9 करोड़ 13 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। नागपुर संभाग के वर्धा जिले के 661 किसानों के लिए 38 लाख 87 हजार रुपये, जबकि कोंकण संभाग के सिंधुदुर्ग जिले के 16 प्रभावित किसानों के लिए 41 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।सरकार ने तहसीलदारों और जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सहायता वितरण में किसी भी किसान को दोहरा लाभ न मिले। राशि वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थी किसानों की सूची और उन्हें दी गई सहायता का विवरण संबंधित जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

