
पत्रकार ने खनन विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल, प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी जिले में बालू (रेत) खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। जिले के खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह पर एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने खनन संबंधी जानकारी देने से इनकार कर दिया और मुलाकात के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। पत्रकार के अनुसार, झांसी जिले में बेतवा और धसान नदियों के किनारे स्थित बालू घाटों, विशेषकर मोंठ, टहरौली और मऊरानीपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन होता है। उनका दावा है कि इन क्षेत्रों में खनन की स्थिति चिंताजनक है और कई स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। पत्रकार का कहना है कि उन्होंने पहले फोन पर खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह से बातचीत की थी। उस दौरान अधिकारी ने चार-पांच दिन बाद मिलने के लिए कहा था। तय समय के बाद जब वह जानकारी लेने उनके कार्यालय पहुंचे तो कथित तौर पर अधिकारी ने मिलने और बातचीत करने से मना कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मिलने के लिए नहीं बुलाया था। पत्रकार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बावजूद जिले में खनन माफिया सक्रिय हैं और उन्हें प्रशासनिक संरक्षण मिलने की आशंका जताई। उनका यह भी दावा है कि खनन स्थलों पर जाकर समाचार संकलन करना जोखिम भरा होता है, क्योंकि वहां पत्रकारों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। पत्रकार ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के मामलों में प्रभावशाली लोगों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा होती रहती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले में खनन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि विभाग या संबंधित अधिकारी अपना पक्ष रखते हैं, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

