
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि प्रशासन, कौशल शिक्षा, समाजकार्य शिक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
भूसंपादन मुआवजा देर से मिलने पर अब मिलेगा अधिक ब्याज
भूसंपादन, पुनर्वास और पुनर्स्थापना के दौरान मुआवजा मिलने में देरी होने पर दिए जाने वाले ब्याज की दर में बदलाव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। अब यह ब्याज दर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों को दिए जाने वाले ऋण की दर से एक प्रतिशत अधिक होगी। सरकार के विभिन्न विकास प्रकल्पों के लिए जमीन का अग्रिम कब्जा लेने की आवश्यकता पड़ती है। मुआवजा देने में देरी होने पर प्रभावित व्यक्ति को ब्याज दिया जाता है। मौजूदा ब्याज दर और बैंक ऋण दर के बीच अंतर को देखते हुए संबंधित कानून की धारा 72 में संशोधन किया जाएगा।
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जमीन हस्तांतरण शुल्क में 25 प्रतिशत छूट
राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के लिए ऐसी परियोजनाओं के लिए खरीदी गई जमीन के हस्तांतरण शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है। यह छूट महाराष्ट्र नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण नीति 2025-2035 के तहत दी जाएगी। हालांकि, छूट प्राप्त जमीन का अंतिम उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिए करना अनिवार्य होगा। यदि कंपनी जमीन का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए करती है या उसे बेचती है, तो हस्तांतरण शुल्क ब्याज सहित वसूल किया जाएगा।
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के बीच जमीन हस्तांतरण पर स्टांप शुल्क माफ
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मुख्य कंपनी द्वारा खरीदी गई जमीन को बाद में ग्रुप कंपनी या स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) कंपनी को हस्तांतरित करने पर लगने वाला स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी।
कृषि विभाग में चार नए पदों को मंजूरी
कृषि आयुक्तालय में एक कृषि निदेशक, एक अपर निदेशक और दो सह निदेशक समेत चार नए पदों के निर्माण को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार राज्य में कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय और एग्रीस्टैक संचालनालय स्थापित किए गए हैं। इनसे संबंधित कामकाज के लिए नए पदों का निर्माण किया जाएगा। इनमें सह निदेशक (सांख्यिकी) और सह निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी) के पद भी शामिल हैं।
किल्लारी के नीलकंठेश्वर चीनी मिल को 18 करोड़ रुपये के कर्ज की मंजूरी
लातूर जिले के औसा तहसील के किल्लारी स्थित श्री नीलकंठेश्वर किसान सहकारी चीनी मिल को राष्ट्रीय सहकार विकास निगम (NCDC) से कर्ज लेने की मंजूरी दी गई है। मिल की ओर से मांगे गए 18 करोड़ 9 हजार रुपये के कर्ज का प्रस्ताव एनसीडीसी को भेजा जाएगा। यह मंजूरी विशेष मामले और एक बार के उदाहरण के तौर पर दी गई है।
निजी कौशल विश्वविद्यालयों के नियमों में बदलाव
राज्य में स्थायी स्व-वित्तपोषित आधार पर निजी कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई है। अब प्रत्येक निजी कौशल विश्वविद्यालय के लिए अलग कानून बनाने के बजाय ‘महाराष्ट्र निजी कौशल विश्वविद्यालय (स्थापना एवं विनियमन) अधिनियम, 2024’ के तहत एक समान नियम लागू होंगे। विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक संस्थान को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ आवेदन करना होगा और एक करोड़ रुपये शुल्क जमा करना होगा। इरादापत्र मिलने के बाद निर्धारित समय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ग्रामीण क्षेत्र में विश्वविद्यालय के लिए 25 एकड़, तहसील या जिला मुख्यालय क्षेत्र में 15 एकड़ और शहरी क्षेत्र में 10 एकड़ जमीन आवश्यक होगी। संबंधित संस्था के पास कम से कम 15 हजार वर्ग मीटर की स्वतंत्र इमारत होना भी जरूरी होगा।
समाजकार्य की पढ़ाई के लिए बढ़ेंगी सीटें और नए अवसर
मंत्रिमंडल ने पारंपरिक महाविद्यालयों में समाजकार्य विषय की स्वतंत्र शाखा शुरू करने तथा मौजूदा समाजकार्य महाविद्यालयों में स्थायी गैर-अनुदानित आधार पर नए पाठ्यक्रम या अतिरिक्त कक्षा शुरू करने को मंजूरी दी है। यह निर्णय शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से लागू होगा। राज्य में वर्तमान में 69 मान्यता प्राप्त समाजकार्य महाविद्यालय हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और अन्य वंचित वर्गों के लिए प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवश्यकता को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हदगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना
नांदेड जिले के हदगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा सरकारी वकील कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है।न्यायालय के लिए 19 नियमित और 6 बाहरी एजेंसी के माध्यम से कुल 25 पद, जबकि सरकारी वकील कार्यालय के लिए 4 पद मंजूर किए गए हैं। नांदेड में लंबित 344 दीवानी और 327 आपराधिक, कुल 671 मामले हदगांव न्यायालय में स्थानांतरित किए जाएंगे। न्यायालय की स्थापना के लिए 1 करोड़ 83 लाख रुपये के खर्च को भी मंजूरी दी गई है। इस फैसले से हदगांव तहसील के नागरिकों और वकीलों को न्यायिक कार्य के लिए नांदेड आने-जाने में लगने वाले समय और खर्च में राहत मिलेगी।

