HomeArchitectureEducationMPSC न्यायिक सेवा पूर्व प्रशिक्षण की पात्रता में बड़ा बदलाव

MPSC न्यायिक सेवा पूर्व प्रशिक्षण की पात्रता में बड़ा बदलाव

CJJD के लिए वकालत का अनुभव तीन साल से घटाकर एक साल किया गया

पुणे। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की विधि/न्यायिक सेवा परीक्षा (JMFC एवं CJJD) पूर्व प्रशिक्षण योजना की पात्रता में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सिविल) क्रमांक 1110/2025 के संदर्भ में दिवाणी न्यायाधीश कनिष्ठ स्तर (CJJD) परीक्षा के लिए आवश्यक वकालत के अनुभव (Law Practice) को तीन वर्ष से घटाकर एक वर्ष किए जाने के निर्णय के बाद पूर्व प्रशिक्षण योजना की पात्रता में भी इसी के अनुरूप बदलाव किया गया है।इस निर्णय के तहत सामायिक स्क्रीनिंग परीक्षा-2026 की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की विधि/न्यायिक सेवा परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना के लिए निर्धारित तीन वर्ष के वकालत अनुभव की शर्त को बदलकर अब एक वर्ष कर दिया गया है।महाराष्ट्र सरकार की व्यापक नीति के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए TRTI, BARTI, SARTHI, AMRUT और ARTI जैसी स्वायत्त संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पूर्व प्रशिक्षण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सामायिक स्क्रीनिंग परीक्षा-2026 की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। प्रतियोगी परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष तथा आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI), पुणे के आयुक्त नीलेश सागर ने TRTI, BARTI, SARTHI, AMRUT और ARTI के लक्षित समूहों के पात्र एवं इच्छुक उम्मीदवारों से संशोधित पात्रता मानदंड को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।

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