
पालघर। बोईसर का आठवड़ा बाजार अपनी रोजमर्रा की रौनक में था। सब्जी-भाजी के ढेर, खरीदारों की भीड़ और इसी चहल-पहल के बीच 70 वर्षीय गीता गणपत ठाकुर सब्जी का थैला लेकर घर लौट रही थीं। उनके गले में करीब 28 ग्राम वजन की सोने की बोरमाला थी, जिसकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई है। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर दो महिलाओं ने कथित तौर पर झपट्टा मारा और बुजुर्ग महिला के गले से बोरमाला लेकर गायब हो गईं। शायद दोनों ने सोचा होगा—भीड़ में हाथ साफ किया है, अब कौन ढूंढ पाएगा! लेकिन उनका यह हिसाब बोईसर पुलिस ने महज 48 घंटे में बिगाड़ दिया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी विश्लेषण तथा गोपनीय जानकारी के आधार पर दोनों संदिग्ध महिलाओं तक पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में रज्जाबाई मोहन हतागळे उर्फ मांगगारोडी (47) और रेणुका संजय हतागळे (35) को गिरफ्तार किया है। दोनों गुजरात के सूरत स्थित संजयनगर की रहने वाली बताई गई हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से बुजुर्ग महिला की चोरी हुई सोने की बोरमाला भी बरामद कर ली गई है। यानी जिस बोरमाला को लेकर दोनों ने बोईसर से निकल जाने का सपना देखा था, वह वापस पुलिस के हाथ पहुंच गई और दोनों खुद सलाखों के पीछे पहुंच गईं। यह कार्रवाई पालघर पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने के मार्गदर्शन में की गई। जांच में पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव, सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील साळुंखे और बोईसर पुलिस थाने की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक नितीन नरळे कर रहे हैं। महज 48 घंटे में आरोपियों तक पहुंचकर चोरी का पूरा माल बरामद करने वाली बोईसर पुलिस की कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि भीड़भाड़ वाले बाजार में बुजुर्गों को आसान निशाना समझकर हाथ साफ करना जितना आसान दिखाई देता है, उसके बाद पुलिस से बच निकलना उतना आसान नहीं। दोनों महिलाओं ने शायद सोचा था कि बोरमाला लेकर निकल जाएंगी, मगर बाजी ऐसी पलटी कि माला भी गई और आजादी भी!

