
मुंबई। इस्कॉन, जुहू द्वारा आयोजित 45वीं श्री जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ शनिवार को अंधेरी स्थित भक्तिवेदांत स्वामी मिशन स्कूल से महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की उपस्थिति में हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में राज्यपाल ने भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की प्रतिमाओं की आरती उतारी तथा परंपरा के अनुसार झाड़ू लगाकर रथयात्रा मार्ग की सफाई कर यात्रा का शुभारंभ किया। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का अद्वितीय पर्व है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर से बाहर निकलते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह परंपरा मुख्य रूप से पुरी और कुछ अन्य स्थानों तक सीमित थी, लेकिन इस्कॉन के संस्थापक श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने इसे विश्वभर में पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के दुख और कष्ट को समझता है, वही सच्चा वैष्णव होता है। भक्ति, सेवा और कर्म का समन्वय ही ईश्वर की सच्ची उपासना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्य भक्तिभाव से किया जाए तो वही सेवा बन जाता है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में भी आध्यात्मिकता और भक्तिभाव का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इस्कॉन ने मुंबईवासियों को पुरी की प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा का दिव्य अनुभव कराया है, जिसके लिए संस्था बधाई की पात्र है। सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि रथयात्रा भक्ति, प्रेम, शक्ति और करुणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वे नृत्य-साधना के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करती हैं और यही साधना उन्हें सदैव श्रीकृष्ण से जोड़े रखती है। आयोजकों के अनुसार, रथयात्रा अंधेरी से प्रारंभ होकर जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर तक निकाली जाएगी। इस अवसर पर विधायक अमित साटम, हिंदुजा समूह के अध्यक्ष प्रकाश हिंदुजा, रथयात्रा महोत्सव के अध्यक्ष डॉ. सूरदास, इस्कॉन जुहू के अध्यक्ष बृजहारी दास, उपाध्यक्ष मुकुंद माधव, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

