
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए देश की पहली राज्यस्तरीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित पहल ‘महा एआई – महाराष्ट्र हब फॉर एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विकसित की है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बताया कि इस अभिनव प्लेटफॉर्म को जल्द ही राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में लागू किया जाएगा, जिससे सरकारी कामकाज की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंगलवार को विधान भवन में आयोजित एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महा एआई’ के माध्यम से सरकारी पत्राचार, नोटशीट तैयार करना, रिपोर्ट बनाना, दस्तावेजों का सारांश तैयार करना, भाषांतरण, नियमों और शासन निर्णयों से संबंधित जानकारी खोजना तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्य अधिक तेजी और सटीकता के साथ किए जा सकेंगे। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी और परिणामकारक बनाने के उद्देश्य से यह प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इस प्रणाली का विकास राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विशेष रूप से महाराष्ट्र के लिए किया गया है और इसे राज्य के डेटा सेंटर के सुरक्षित डिजिटल ढांचे पर स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकारी सूचनाओं का स्वामित्व, गोपनीयता और सुरक्षा पूरी तरह राज्य सरकार के नियंत्रण में रहेगी। सभी संवेदनशील सरकारी दस्तावेज और डेटा राज्य सरकार की सुरक्षित संरचना के भीतर ही संग्रहित और संसाधित किए जाएंगे। ‘महा एआई’ के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी आधिकारिक पत्र, ई-मेल और टिप्पणियां तैयार कर सकेंगे। इसके अलावा लंबे दस्तावेजों का संक्षिप्तीकरण, स्पष्टीकरण, विभिन्न भाषाओं में अनुवाद, सरकारी अधिनियमों, शासन निर्णयों, परिपत्रों और नियमों से संबंधित संदर्भ आधारित जानकारी प्राप्त करना तथा सामान्य भाषा में रिपोर्ट तैयार करना भी संभव होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की दोहराव वाली प्रविष्टियों को रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लाभार्थी सत्यापन प्रणाली भी विकसित की गई है। इससे योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। इस प्लेटफॉर्म में विभिन्न एआई मॉडलों का उपयोग, दस्तावेज और चित्र अपलोड करने की सुविधा, सुरक्षित उपयोगकर्ता लॉगिंग, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तथा पदानुसार प्रवेश नियंत्रण जैसी उन्नत सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। इससे सरकारी दस्तावेजों और सूचनाओं की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य में ‘महा एआई’ को राज्य के सभी विभागों के लिए एक समान एआई प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे ई-ऑफिस, आरटीआई, ई-एचआरएमएस और ‘आपले सरकार’ जैसी विभिन्न ई-गवर्नेंस प्रणालियों से जोड़ा जाएगा, जिससे मसौदा तैयार करने, अनुवाद, सारांश निर्माण, ज्ञान प्रबंधन और लाभार्थी सत्यापन जैसी सेवाएं और अधिक सक्षम बन सकेंगी। बैठक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह तथा एनआईसी की राज्य सूचना अधिकारी सपना कपूर ने ‘महा एआई’ प्लेटफॉर्म का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया। सरकार का मानना है कि यह पहल महाराष्ट्र के प्रशासनिक तंत्र को डिजिटल शासन के नए युग में प्रवेश कराने वाली महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगी, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और कार्यक्षमता में बड़ा सुधार आएगा।

