
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जिला अस्पताल उमा शंकर दीक्षित परिसर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र (पीहू सेंटर) पर निजी दवाइयों की कथित बिक्री का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय कुमार शर्मा को जांच के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी परिसर में संचालित केंद्रों पर केवल सरकार द्वारा अनुमोदित दवाइयों की ही बिक्री होनी चाहिए। यदि जन औषधि केंद्र के नाम पर निजी दवाओं का विक्रय किया जा रहा है, तो यह नियमों के विरुद्ध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक परिवार कल्याण का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ. पवन कुमार ने भी उन्नाव के सीएमओ और सीएमएस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के बाद जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुनील कुमार शुक्ला स्वयं जन औषधि केंद्र पहुंचे और मौके पर जांच की। जांच के दौरान केंद्र संचालकों को निगरानी के लिए कैमरे नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश भी दिए गए। सूत्रों के अनुसार, केंद्र संचालक को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में निजी दवाइयों की बिक्री दोबारा पाई गई, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पहले भी मौखिक और लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन शिकायतें मिलने के बाद अब मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल परिसर स्थित इस जन औषधि केंद्र को लेकर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि यहां मरीजों को जन औषधि के बजाय निजी और अपेक्षाकृत महंगी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब जिलाधिकारी, परिवार कल्याण विभाग और अस्पताल प्रशासन की संयुक्त निगरानी में जांच शुरू होने से पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने कहा-सरकारी स्थानों पर सरकारी व्यवस्था के तहत उपलब्ध दवाइयों की ही बिक्री होनी चाहिए। मामले की जांच के निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीएमएस डॉ.सुनील कुमार शुक्ला ने कहा- जन औषधि केंद्र संचालक को स्पष्ट चेतावनी दी गई है। यदि आगे निजी दवाओं की बिक्री पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।



