
झांसी, उत्तर प्रदेश। जनपद में 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं अनुबंधित समयसीमा के भीतर तेजी के साथ पूर्ण की जाएं, ताकि उन्हें समय पर हैंडओवर कर आम जनता को लाभान्वित किया जा सके। विकास भवन स्थित एनआरएलएम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीडीओ ने विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की प्रगति और सत्यापन रिपोर्ट का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों का सत्यापन समयबद्ध तरीके से कर हर माह के प्रथम सप्ताह में रिपोर्ट डीएसटीओ कार्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। बैठक की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50 लाख से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा से हुई। सीडीओ ने 14 सड़क परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। पाल कॉलोनी ग्वालियर रोड से लहरगांव तक सड़क निर्माण, ब्लॉक बड़ा गांव में जौरी बुजुर्ग से लेवा संपर्क मार्ग सहित कई परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने संबंधित एजेंसियों को चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। सड़कों के अतिरिक्त अन्य परियोजनाओं की समीक्षा में यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी में टाइप-01 और टाइप-03 आवासों के जीर्णोद्धार कार्य की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अधिकांश आवासों का कार्य पूर्णता की ओर है और शेष कार्य मार्च-अप्रैल तक पूरा कर हैंडओवर किया जाएगा। इसके अलावा, वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक (लगभग 14 करोड़ लागत) के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सहायक अभियंता ने बताया कि ग्राउंड और प्रथम तल की स्लैब, चिनाई, प्लास्टर तथा आंतरिक पुट्टी का कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य धनराशि प्राप्त होते ही पूरा कर लिया जाएगा। सीडीओ ने यूपी सिडको द्वारा निर्मित हो रहे 14 हाईस्कूल एवं 3 इंटर कॉलेजों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। कुछ विद्यालयों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए समय से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, डायट में चारदीवारी, लैब, स्टाफ रूम की मरम्मत एवं गर्ल्स हॉस्टल निर्माण कार्य की प्रगति मात्र 5 प्रतिशत होने पर भी सीडीओ ने असंतोष व्यक्त किया और कार्य में तेजी लाने को कहा। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों ने भी अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि कई परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएंगे। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित




