Monday, May 25, 2026
Google search engine
Homeउत्तर प्रदेशभारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी संवैधानिक प्रक्रिया: जिलाधिकारी गौरांग राठी

भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी संवैधानिक प्रक्रिया: जिलाधिकारी गौरांग राठी

झांसी, उत्तर प्रदेश। जनपद सहित पूरे देश में जनगणना-2027 के पहले बड़े चरण की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार से शुरू हुए मकान गणना अभियान के तहत अब प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करेंगे। इस अभियान के दौरान लगभग 34 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी संवैधानिक प्रक्रिया है, जो भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।जनगणना विभाग के अनुसार, पहले से संचालित स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) प्रक्रिया में हजारों लोगों ने पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई है। अब प्रगणक इन जानकारियों का सत्यापन कर उन्हें अंतिम रूप से ऑनलाइन अपडेट करेंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रगणक और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को अलग-अलग गणना ब्लॉकों में विभाजित कर सर्वे कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आमजन से अपील की कि वे जनगणना टीम को सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़े पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें। जनपद में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 7 मई से 21 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के लिए प्रत्येक विकास खंड में न्यूनतम 5000 मकानों की स्व-गणना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। साथ ही प्रत्येक विकास खंड की एक ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत स्व-गणना सुनिश्चित करने का लक्ष्य भी रखा गया। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। निर्धारित अवधि में जनपद झांसी में लगभग 49 हजार मकानों की स्व-गणना का कार्य पूरा किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-गणना अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ जूम मीटिंग आयोजित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया तथा मोबाइल नंबर आधारित आईडी के माध्यम से स्वयं अपने मकानों से जुड़ी जानकारी फीड कराने में सहयोग किया। इस उपलब्धि पर ग्राम पंचायत स्तर पर “मकानों की स्व-गणना (एसई)” कार्य में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने वाले 19 ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों और सचिवों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी गौरांग राठी एवं मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने इन कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर आयुष सैनी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, जिला पंचायत राज अधिकारी डाॅ. बालगोविंद श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक और कर्मचारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments