
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस सेवा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में दिवंगत हिमांशु रॉय द्वारा किया गया कार्य आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत है। मंगलवार को हिमांशु रॉय फाउंडेशन द्वारा विकसित ‘हिमांशु रॉय कैंसर डिटेक्शन किट’ कैंसर की शुरुआती पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुंबई स्थित यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान सभागार में आयोजित ‘द हिमांशु रॉय लिगेसी पुरस्कार’ समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री आशीष जायसवाल तथा हिमांशु रॉय फाउंडेशन की संस्थापक भावना रॉय उपस्थित थीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान को देश नहीं भूलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमांशु रॉय ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन अंततः वह जीवन की जंग हार गए। मुंबई की संगठित अपराध व्यवस्था को कमजोर करने, मुंबई लोकल ट्रेन श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों की जांच तथा महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख के रूप में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि रॉय ने जिस भी जिम्मेदारी का निर्वहन किया, पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया और अपने कार्य से राष्ट्र की सेवा की।
कैंसर की शुरुआती पहचान में मददगार साबित हो रही किट
मुख्यमंत्री ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा विकसित कैंसर डिटेक्शन किट शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान करने में प्रभावी साबित हो रही है। इसके माध्यम से महाराष्ट्र में लगभग 20 हजार लोगों को कैंसर की समय रहते जांच और उपचार का लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कैंसर के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है, जिसमें शीघ्र निदान और किफायती उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अभियान को हिमांशु रॉय फाउंडेशन के कार्यों से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा और सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संगीत, चिकित्सा और राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को ‘हिमांशु रॉय लिगेसी पुरस्कार’ प्रदान किए। संगीत क्षेत्र में गंधर्व संगीत महाविद्यालय तथा प्रख्यात शास्त्रीय गायिका डॉ. अश्विनी भिडे-देशपांडे को सम्मानित किया गया। चिकित्सा क्षेत्र में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज़रीर उदवाडिया और डॉ. शेखर भोजराज को पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा श्रेणी का पुरस्कार मरणोपरांत शहीद तुकाराम गोपाल ओंबले को दिया गया। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी अजमल कसाब को जीवित पकड़ने में उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी पुत्री वंदना ओंबले-पाटणी ने ग्रहण किया।
फाउंडेशन के सेवाकार्यों की सराहना
कार्यक्रम में हिमांशु रॉय फाउंडेशन के माध्यम से रोगी सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में कार्यरत अमिताभ शाह और ऋषभ शाह का भी विशेष सम्मान किया गया। समारोह में प्रशासन, चिकित्सा, निर्माण, संस्कृति और मनोरंजन जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में किए गए उत्कृष्ट योगदान का अभिनंदन है।



