
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह एवं विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन सिविल लाइंस स्थित गणेश मण्डपम गेस्ट हाउस में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षकों, साहित्यकारों, कवियों एवं बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक पंकज गुप्ता ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करता है और समाज को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने उन्नाव की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने में अभ्युदय सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा के प्रयासों की सराहना करते हुए समाज के प्रबुद्ध वर्ग एवं साहित्यकारों से इन प्रयासों को और सशक्त बनाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष विजय त्रिपाठी ने उन्नाव को साहित्य की उर्वर भूमि बताते हुए परिषद की नवगठित जिला कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं और साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना जागृत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवि एवं शिक्षक शिव बालक राम सरोज द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। जिला महामंत्री कमलेश कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मानित शिक्षकों के उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान की सराहना की। निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि वेदों और शास्त्रों का अध्ययन तभी सार्थक है, जब उनका समावेश व्यक्ति के आचरण में हो। श्रेष्ठ साहित्य वही है जो मानवता, संवेदना और नैतिक मूल्यों को मजबूत करे। वहीं प्रांतीय महामंत्री डॉ. बलजीत श्रीवास्तव ने परिषद के उद्देश्यों और साहित्य संवर्धन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्रीमती स्मिता गुप्ता, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, अनिल वर्मा, डॉ. शशि रंजना अग्निहोत्री, शैलेन्द्र त्रिवेदी, शिव बालक राम सरोज, अनिरुद्ध सौरभ, डॉ. श्रीकेश पाण्डेय, आदित्य दीक्षित, डॉ. अमित अवस्थी तथा डॉ. प्रिंस विश्वकर्मा सहित कई शिक्षकों को आदर्श शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्य सेवा के लिए उमा शंकर यादव, सरस आज़ाद, राहुल वर्मा एवं मोहित वर्मा सहित अनेक साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद आयोजित विराट कवि सम्मेलन का शुभारंभ प्रांतीय अध्यक्ष विजय त्रिपाठी द्वारा मां सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सरोकार और संवेदनाओं से ओतप्रोत रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सरस आज़ाद, शिव बालक राम सरोज, अनिल वर्मा, डॉ. श्रीकेश पाण्डेय, उमा शंकर यादव ‘निशंक’, शैलेन्द्र त्रिवेदी, डॉ. शशि रंजना, दुर्गेश द्विवेदी, मोहित वर्मा तथा राहुल वर्मा की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम में दिवाकर द्विवेदी, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. के.के.मिश्र, अखिलेश ओमर, धर्मेंद्र शर्मा, बबलू सेंगर, राजा बाबू अग्निहोत्री, डॉ. मनीष सेंगर, अजय श्रीवास्तव, ऊदल फौजी, आभा माथुर, संजीव कुमार निगम, अशोक गुप्ता, दीपेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिरुद्ध सौरभ ने किया, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. विनय तिवारी ने की। अंत में उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस सफल कार्यक्रम के लिए पूरी आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए सभी सम्मानित शिक्षकों, साहित्यकारों एवं उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

