
मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भीतर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राष्ट्रीय राजनीति में भेजने की तैयारी चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हर्षवर्धन सपकाल ने अपने दावे को महाराष्ट्र में तीन-भाषा नीति और हिंदी को बढ़ावा देने को लेकर हुए विवाद से जोड़ते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर फडणवीस को राष्ट्रीय स्तर की भूमिका देने की तैयारी काफी समय से चल रही है। कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इन अटकलों को उस समय और बल मिला, जब 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाले दिन ही देवेंद्र फडणवीस ने नई दिल्ली का संक्षिप्त दौरा किया और उसी दिन वापस नागपुर लौट आए। हालांकि, मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। दिल्ली दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका ध्यान पूरी तरह महाराष्ट्र पर है। उन्होंने कहा, “आज मैं नागपुर में हूं और शाम को मुंबई जाऊंगा। मैं केवल महाराष्ट्र के कार्यों में व्यस्त हूं।” उन्होंने केंद्र में जाने की किसी भी संभावना से इनकार किया। इधर, फडणवीस के चाचा बालासाहेब फडणवीस ने भी एक कार्यक्रम के दौरान अपने भतीजे के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘देवभाऊ’ के लोकार्पण समारोह में उन्होंने विश्वास जताया कि देवेंद्र फडणवीस भविष्य में कभी न कभी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। बालासाहेब फडणवीस ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस कानून के गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं और एक प्रभावशाली वक्ता भी हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जीवन में फडणवीस राजनीति से दूरी बनाए रखते हैं और घर पर सामान्य एवं तनावमुक्त वातावरण में रहते हैं। उन्होंने उनके राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1997 में मात्र 27 वर्ष की आयु में देवेंद्र फडणवीस नागपुर के सबसे युवा महापौर तथा देश के दूसरे सबसे युवा महापौर बने थे। इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत भी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में लाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी देना चाहते हैं। हालांकि, अब तक केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल, कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के दावों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र में जाने की सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है, जबकि किसी भी संभावित बदलाव पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

