
मुंबई। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) में कथित तौर पर ₹1.79 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वर्ली पुलिस ने इस संबंध में नासिक के तीन निजी अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह शिकायत स्टेट हेल्थ एश्योरेंस सोसाइटी (State Health Assurance Society) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चंद्रकांत विभूते द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिन मरीजों का कभी इलाज ही नहीं हुआ, उनके नाम पर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड तैयार कर बीमा दावों (इंश्योरेंस क्लेम) के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायत के अनुसार, स्टेट हेल्थ एश्योरेंस सोसाइटी द्वारा क्लेम की जांच के दौरान 361 मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड संदिग्ध और कथित रूप से फर्जी पाए गए। आरोप है कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड तैयार किए गए, जीवनदायी पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड की गई और ऑनलाइन बीमा क्लेम की मंजूरी प्राप्त कर सरकारी योजनाओं से धन निकाला गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सतपुर स्थित शिव मल्टीस्पेशलिटी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ने कथित तौर पर 163 फर्जी क्लेम के माध्यम से लगभग ₹71.83 लाख प्राप्त किए। वहीं सीआईडीसीओ स्थित नासिक ग्रेस हॉस्पिटल पर 126 क्लेम के जरिए करीब ₹62.13 लाख और गंगापुर रोड स्थित ऋषिकेश हॉस्पिटल पर 72 क्लेम के माध्यम से लगभग ₹45.45 लाख प्राप्त करने का आरोप है। पुलिस ने तीनों अस्पतालों के संस्थापकों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित धोखाधड़ी में कोई बड़ा रैकेट या अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं या नहीं। इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

