HomeCrimeगुटखा माफियाओं पर एफडीए का बड़ा शिकंजा: 5 दिनों में 195 छापे,...

गुटखा माफियाओं पर एफडीए का बड़ा शिकंजा: 5 दिनों में 195 छापे, 192 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और अन्य हानिकारक खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। 1 जून से 5 जून 2026 के बीच राज्यभर में 195 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 192 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 1 करोड़ 99 लाख 18 हजार 475 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया। एफ़डीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण, परिवहन और बिक्री में लिप्त लोगों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि राज्य में ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा।
धाराशिव, धुले, नांदेड़ और पुणे में बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का माल जब्त
एफडीए को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 5 जून को धाराशिव जिले के परांडा क्षेत्र में छापा मारकर 1 करोड़ 2 लाख 67 हजार 263 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला जब्त किया गया तथा दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 4 जून को समृद्धि महामार्ग के सावंगी टोल नाका पर की गई कार्रवाई में 60 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का प्रतिबंधित माल और वाहन जब्त किए गए। धुले जिले के सोनगीर में 23 लाख 50 हजार रुपये का प्रतिबंधित माल बरामद किया गया, जबकि नांदेड़ में महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर हुई कार्रवाई में 17 लाख 52 हजार 450 रुपये मूल्य का माल और वाहन जब्त किए गए। पुणे के मोशी क्षेत्र में भी छापेमारी कर 6 लाख 19 हजार 982 रुपये का प्रतिबंधित माल बरामद किया गया और छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
123 एफआईआर दर्ज, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जारी रहेगी कार्रवाई
अभियान के दौरान भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कुल 123 एफआईआर दर्ज की गईं। विभागवार आंकड़ों के अनुसार कोंकण क्षेत्र में सर्वाधिक 79 छापे मारे गए, जबकि पुणे में 52 और बृहन्मुंबई में 30 कार्रवाई की गईं। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में सबसे अधिक 1.15 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि “गुटखा मुक्त महाराष्ट्र, निरोगी महाराष्ट्र” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए शुरू की गई निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है और भविष्य में भी ऐसे तत्वों पर लगातार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments