
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई में ‘विजिबल क्लीननेस’ (दृश्यमान स्वच्छता) अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सड़कों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थानों और कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थलों की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बैठक में मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप स्वच्छता संबंधी कार्यों, कचरा संवेदनशील स्थलों (गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट्स-जीवीपी) पर विशेष उपायों, सड़क सफाई तथा दैनिक स्वच्छता व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। डॉ. शर्मा ने सभी वार्डों के सहायक आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह स्वयं सफाई चौकियों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सड़कों, फुटपाथों तथा सार्वजनिक स्थानों की समय पर और नियमित सफाई हो रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों पर नियमित सफाई, कीटाणुशोधन, लगातार निगरानी और आवश्यक निवारक उपाय किए जाएं। साथ ही, कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए विधायक, नगरसेवक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाए तथा उनकी ओर से प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर उन्हें कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं प्राणीसंग्रहालय के पेंग्विन कक्ष में आयोजित इस बैठक में घनकचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त किरण दिघावकर, सभी परिमंडलों के उपायुक्त, सभी वार्डों के सहायक आयुक्त तथा घनकचरा प्रबंधन विभाग के सहायक अभियंता उपस्थित रहे।


