
मीरा-भायंदर। आगामी मानसून को देखते हुए डेंग्यू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में महापौर डिंपल विनोद मेहता ने सोमवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रतिबंधात्मक उपायों की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में उपमहापौर ध्रुवकिशोर मानसाराम पाटील, सभागृह नेता रवि व्यास, अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत तथा वैद्यकीय अधिकारी डॉ. नंदकिशोर लहाने उपस्थित रहे।बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रही औषधि छिड़काव, फॉगिंग, मच्छरों के प्रजनन स्थलों के सर्वेक्षण, लार्वा नियंत्रण अभियान, जलभराव वाले स्थानों की जांच तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए तैयार किए गए कार्ययोजना की समीक्षा की गई।महापौर डिंपल मेहता ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी वार्डों में निवारक उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि जहां मच्छरों की उत्पत्ति की संभावना अधिक है, वहां नियमित निरीक्षण कर तत्काल दवा छिड़काव किया जाए तथा नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए।बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि डेंग्यू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा पुराने टायर, नारियल के छिलके, प्लास्टिक के डिब्बे और गमलों में जमा पानी को नियमित रूप से हटाएं।महानगरपालिका ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि यदि किसी व्यक्ति में बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, त्वचा पर चकत्ते या डेंग्यू-मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सकीय सलाह लें।महापौर डिंपल मेहता ने कहा कि मीरा-भायंदर महानगरपालिका नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मानसून पूर्व सभी आवश्यक उपाय युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, मच्छरों की उत्पत्ति रोकने और महानगरपालिका के स्वास्थ्य अभियानों में सहयोग करने की अपील की।



