Wednesday, March 18, 2026
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मुंबई में ईडी की छापेमारी: 3.3 करोड़ नकद, लग्जरी सामान और सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई में चार स्थानों पर छापेमारी करते हुए एक बड़े अवैध व्यापार और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, लग्जरी घड़ियां, कीमती आभूषण, विदेशी मुद्रा और महंगे वाहन जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई इंदौर के लसूड़िया पुलिस स्टेशन में 9 जनवरी, 2025 को दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की गई, जो शुरुआत में IPC की धारा 419 और 420 के तहत दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में इसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) और 318(4) में रूपांतरित किया गया। इसके बाद ईडी ने इस मामले को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत लिया और व्यापक जांच शुरू की।
व्हाइट लेबलिंग और लाभ-साझाकरण से जुड़ा सट्टेबाजी नेटवर्क
ईडी की जांच में कई डिजिटल ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स सामने आए हैं, जिनमें Vmoney, VM Trading, Standard Trades Ltd, iBull Capital, Lotusbook, 11Stars और GameBetLeague प्रमुख हैं। ये सभी प्लेटफॉर्म कथित तौर पर अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन जुए/सट्टेबाजी के लिए उपयोग किए जा रहे थे। इस नेटवर्क में व्हाइट-लेबल ऐप्स के ज़रिए कई एडमिन अधिकार लाभ-साझाकरण (Profit Sharing) समझौतों के तहत हस्तांतरित किए गए थे। इनकी मदद से आरोपी अनधिकृत रूप से सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स चलाते थे, जिससे लाखों लोगों से पैसे वसूले जाते थे।
हवाला नेटवर्क और फंड ऑपरेटरों की भूमिका
ईडी ने जांच के दौरान हवाला ऑपरेटरों और फंड संचालकों की पहचान भी की है, जो इस अवैध धंधे के वित्तीय संचालन में शामिल थे। छानबीन में कई शेल कंपनियों और डिजिटल वॉलेट्स का भी पता चला है, जिनका उपयोग काले धन को वैध रूप देने में किया जा रहा था। इस रैकेट के प्रमुख आरोपियों में विशाल अग्निहोत्री का नाम सामने आया है, जो Vmoney और 11Stars जैसे प्लेटफॉर्म्स का संचालक बताया गया है। उसने पहले Lotusbook प्लेटफॉर्म का एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल 5 प्रतिशत लाभ-साझाकरण पर लिया था। बाद में यह नियंत्रण घटाकर 0.125 प्रतिशत हिस्सेदारी पर धवल देवराज जैन को हस्तांतरित कर दिया गया। ईडी ने जब्त संपत्ति और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आर्थिक अपराधियों की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। साथ ही इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है।

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