
मुंबई। स्पेन में संपत्तियां जब्त किए जाने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को खुलासा किया कि उसने 800 करोड़ रुपये के अवैध विदेशी मुद्रा व्यापार मामले में मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और गुड़गांव सहित देशभर के सात स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई ऑक्टाएफएक्स ट्रेडिंग ऐप और इसकी वेबसाइट www.octafx.com के माध्यम से चल रहे संदिग्ध फॉरेक्स ट्रेडिंग नेटवर्क के खिलाफ की गई, जिसके जरिए निवेशकों से ऊंचे रिटर्न का झूठा वादा कर धोखाधड़ी की जा रही थी। ईडी ने बताया कि यह जांच पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें बताया गया था कि कैसे विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग की आड़ में निवेशकों को ठगा गया और महज एक वर्ष में 800 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। एजेंसी ने इस दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइसेज़ जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि ऑक्टाएफएक्स ने निवेशकों की राशि डाइनेरो पेमेंट सर्विसेज नामक एक अनधिकृत भुगतान एग्रीगेटर के एस्क्रो खातों में भेजी। इसके लिए शेल कंपनियों का सहारा लिया गया, जिन्होंने फर्जी केवाईसी दस्तावेज प्रस्तुत कर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में भुगतान गेटवे की अनुमति प्राप्त की थी। निवेशकों की रकम को ई-कॉमर्स खरीदारी के रूप में दिखाया गया और फिर उसे कई खातों में लेयरिंग के माध्यम से घुमाया गया, ताकि धन के स्रोत को छिपाया जा सके।
ईडी के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत निवेशक फंड ऑक्टाएफएक्स से कथित खच्चर खातों में डायवर्ट किए गए। इन खातों से पैसा ई-कॉमर्स रिफंड, चार्जबैक और विक्रेता भुगतान जैसे झूठे बहानों के तहत निकाला गया। इस तरह की जटिल वित्तीय गतिविधियों ने अधिकारियों और बैंकिंग प्रणाली के लिए लेन-देन की वैधता का पता लगाना मुश्किल बना दिया। इसके अतिरिक्त, ऑक्टाएफएक्स ने यूआरएल मास्किंग तकनीक का इस्तेमाल कर उपयोगकर्ताओं को भ्रामक लिंक के माध्यम से भुगतान कराने की व्यवस्था की, जिससे नियामक पहचान से बचना संभव हो सका। ईडी ने अब तक इस मामले में 160.8 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त, कुर्क या सुरक्षित रखी हैं, जिनमें स्पेन में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। इस संबंध में दो अभियोजन शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और जांच अब भी जारी है।




