
मतदान के दिन निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों, आईटी कंपनियों और दुकानों में भी छुट्टी या विशेष छूट देना होगा अनिवार्य
मुंबई। राज्य के 12 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत 125 पंचायत समितियों में शनिवार, 7 फरवरी 2026 को सार्वत्रिक चुनाव कराए जा रहे हैं। इस चुनाव में सभी पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिल सके, इसके लिए उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनिकर्म विभाग ने सभी उद्योगों, आस्थापनाओं और कारखानों के लिए सवेतन अवकाश या विशेष छूट देना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में विभाग द्वारा परिपत्र जारी किया गया है। परिपत्र के अनुसार, जिन कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों का नाम संबंधित मतदान क्षेत्र की मतदाता सूची में है, उन्हें मतदान के दिन पूर्ण वेतन सहित छुट्टी देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, जो मतदाता काम के सिलसिले में अपने मतदान क्षेत्र से बाहर कार्यरत हैं, उन्हें भी मतदान के लिए सवेतन अवकाश देने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश निजी कंपनियों, सभी दुकानों, होटल, भोजनालय, थिएटर, व्यापारिक प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाइयों, आईटी कंपनियों, शॉपिंग सेंटर, मॉल, रिटेलर्स सहित उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी आस्थापनाओं पर लागू होगा। यदि किसी अत्यावश्यक, लोकसेवा से जुड़ी या जोखिमपूर्ण सेवा में पूर्ण दिवस की छुट्टी देना संभव न हो और अनुपस्थिति से भारी नुकसान की संभावना हो, तो ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों को मतदान के लिए दो से तीन घंटे की विशेष छूट देना अनिवार्य होगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित आस्थापना मालिकों और प्रबंधन की होगी।
12 जिलों में सार्वजनिक अवकाश लागू रहेगा
इस चुनाव के मद्देनज़र रायगड, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशीव और लातूर जिलों की संबंधित पंचायत समितियों में सार्वजनिक अवकाश लागू रहेगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी मतदाता केवल नौकरी या कार्यस्थल की वजह से अपने मतदान अधिकार से वंचित न रहे।



