
मुंबई। प्राकृतिक तेल और गैस की बचत करना देश की सेवा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ईंधन संरक्षण का संकल्प हर नागरिक की भागीदारी से ही पूरा होगा। तेल और गैस का संरक्षण करना यानी हरित ऊर्जा को अपनाना है और यह प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। यह आह्वान कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया। सोमवार को प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्य मंदिर में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मार्गदर्शन तथा राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित ‘संरक्षण क्षमता महोत्सव 2025-26’ के उद्घाटन अवसर पर वे बोल रहे थे। यह कार्यक्रम तेल उद्योग के राज्यस्तरीय समन्वयकों द्वारा जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित किया गया। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि जीवाश्म ईंधनों की बर्बादी रोकना, विदेशी मुद्रा पर बढ़ते बोझ को कम करना और ग्रीनहाउस गैसों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को घटाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। आज वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की मांग बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी काफी हद तक तेल और गैस पर केंद्रित है। ऐसे में ईंधन की बचत करना देश की प्रगति में प्रत्यक्ष योगदान है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग कर तेल की खपत कम की जा सकती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में हरित ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि स्कूली जीवन में ही तेल संरक्षण का महत्व समझाया जाए, तो इसका दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राज्य में व्यापक स्तर पर चलेगा सक्षम अभियान: उमेश कुलकर्णी
राज्य के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के राज्यस्तरीय समन्वयक उमेश कुलकर्णी ने बताया कि भारत सरकार की ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण ‘सक्षम 2025-26 (संरक्षण क्षमता महोत्सव)’ राष्ट्रीय अभियान की आज से देशभर में शुरुआत की गई है। यह अभियान 1 से 15 फरवरी 2026 तक “Conserve Oil & Gas, Go Green (तेल और गैस बचाएं, हरित ऊर्जा अपनाएं)” के नारे के साथ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत स्कूल और कॉलेजों में समूह चर्चा, वाद-विवाद, भित्तीचित्र और ग्राफिटी प्रतियोगिताएं, ईंधन-कुशल वाहन चालक प्रतियोगिताएं, लेखन प्रतियोगिताएं तथा दूरदर्शन और रेडियो पर विशेष परिचर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से स्कूली छात्र, युवा, एलपीजी उपभोक्ता, वाहन चालक, उद्योग क्षेत्र के कर्मचारी, किसान, हाउसिंग सोसायटी, ग्राम पंचायतें और स्वयंसेवी संस्थाओं तक पहुंचकर ईंधन संरक्षण के महत्व, लाभ और उपायों को लेकर व्यापक जनजागरूकता फैलाई जाएगी। इस अवसर पर राज्य समन्वयक विभाग के मुख्य प्रबंधक दीपक वाघ ने ईंधन बचत की शपथ दिलाई। साथ ही मायरा फाउंडेशन की ओर से ईंधन संरक्षण पर आधारित जनजागरूकता नाटक भी प्रस्तुत किया गया।




