
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि धुले और नंदुरबार जिलों में अपार विकास क्षमता मौजूद है तथा राज्य सरकार इन दोनों जिलों को महाराष्ट्र के विकास को नई गति देने वाले ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के नए विकास रोडमैप में धुले और नंदुरबार को विशेष महत्व दिया जाएगा।शुक्रवार को मुख्यमंत्री फडणवीस मुंबई के एनसीपीए स्थित टाटा थिएटर में आयोजित पूर्व सांसद एवं स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत अण्णासाहेब उर्फ चुडामण पाटील की जीवनी ‘अजिंक्य’ के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, पणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल, राज्यमंत्री पंकज भोयर, सांसद शोभा बच्छव, विधायक अमरीश पटेल, अभिनेता अनुपम खेर, सौरभ शुक्ला तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि धुले जिले ने कई दशकों से महाराष्ट्र के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस क्षेत्र की मानव संसाधन क्षमता, कृषि, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को देखते हुए सरकार ने दोनों जिलों को विकास की मुख्यधारा में और अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अण्णासाहेब चुडामण पाटील के जीवन को संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा की प्रेरक गाथा बताते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। नमक सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें दो वर्ष का कारावास भी भुगतना पड़ा। महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रेरित अण्णासाहेब ने समाज में शिक्षा के प्रसार को अपना मिशन बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं उच्च शिक्षा प्राप्त न कर पाने के बावजूद अण्णासाहेब ने हजारों विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के द्वार खोलने का काम किया। उनके प्रयासों से अनेक स्कूल, महाविद्यालय, चिकित्सा और अभियांत्रिकी संस्थान स्थापित हुए, जिनका लाभ आज भी समाज को मिल रहा है। फडणवीस ने कहा कि अण्णासाहेब लगातार तीन बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन उनकी वास्तविक पहचान केवल चुनावी जीत तक सीमित नहीं थी। शिक्षा, सहकार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान तथा लोगों के साथ उनके गहरे जुड़ाव ने उन्हें जनता के दिलों में ‘अजिंक्य’ बनाया।उन्होंने कहा कि समाज को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों के कार्यों का दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। ‘अजिंक्य’ केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि धुले जिले के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री ने धुले जिले को “नररत्नों की खान” बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने महाराष्ट्र को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मॉडल खड़ा करने के लिए विधायक अमरीश पटेल के प्रयासों की भी सराहना की।अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘अजिंक्य’ पुस्तक युवाओं को संघर्ष, नेतृत्व, राष्ट्रप्रेम और समाजसेवा की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि अण्णासाहेब का जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदृष्टि और समाजहित की भावना से किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।कार्यक्रम का प्रास्ताविक कुणाल पाटील ने किया। इस अवसर पर पुस्तक के लेखक की पत्नी इंदुमती सोमनाथ पाटील का मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान भी किया गया।



