
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) क्षेत्र में रहने वाले कुष्ठ रोगियों को मिलने वाले मासिक विशेष अनुदान को बढ़ाकर कम से कम 5,000 रुपये किए जाने की मांग को लेकर महाराष्ट्र कुष्ठपीड़ित संघटना के प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। महापौर ने मांग को उचित बताते हुए इस पर सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल बीएमसी के सभागृह नेता गणेश खणकर के माध्यम से महापौर से मिला। ज्ञापन प्राप्त होने के तुरंत बाद महापौर ऋतु तावड़े ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर कुष्ठ रोगियों के मासिक अनुदान में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सकारात्मक रूप से विचार करने के निर्देश दिए। महाराष्ट्र कुष्ठपीड़ित संघटना के अध्यक्ष जितेंद्र तुकाराम चव्हाण द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि जून 2019 से बीएमसी कुष्ठ रोगियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह विशेष अनुदान दे रही है। लेकिन लगातार बढ़ती महंगाई के कारण इतनी राशि में परिवार का भरण-पोषण और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना संभव नहीं रह गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पनवेल महानगरपालिका अपने क्षेत्र के कम आय वाले कुष्ठ रोगियों को 4,000 रुपये प्रतिमाह विशेष अनुदान देती है। ऐसे में मुंबई जैसे महानगर में रहने वाले कुष्ठ रोगियों को कम से कम 5,000 रुपये प्रतिमाह विशेष अनुदान दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। महापौर ऋतु तावड़े ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कुष्ठ रोगियों की वर्तमान आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को देखते हुए उनकी मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर आयुक्त को तत्काल पत्र भेजा गया है और कुष्ठ रोगियों के मासिक विशेष अनुदान को बढ़ाकर 5,000 रुपये किए जाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने विश्वास दिलाया कि इस विषय पर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



