
बीड। महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माइनॉरिटी प्रोटेक्शन संघर्ष समिति ने मंगलवार को विधायक रोहित पवार और संदीप क्षीरसागर को ज्ञापन सौंपकर राज्य में अलग ‘अल्पसंख्यक संरक्षण कानून’ बनाए जाने की मांग की। समिति के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इलियास इनामदार ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती हिंसा, कथित अन्याय, नफरत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच), धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटनाओं तथा सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करने वाले मामलों को देखते हुए एक विशेष कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ज्ञापन में विधायकों से आग्रह किया गया कि वे महाराष्ट्र विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं और राज्य सरकार पर जल्द से जल्द प्रस्तावित अल्पसंख्यक संरक्षण कानून का मसौदा तैयार कर उसे लागू करने के लिए दबाव बनाएं। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना, सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना तथा कानून व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास बढ़ाना है। समिति ने सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से भी इस मांग का समर्थन करने की अपील की। ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रोहित पवार ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र जारी है और इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। वहीं विधायक संदीप क्षीरसागर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे सत्र के दौरान अल्पसंख्यक संरक्षण कानून की मांग को सदन में उठाएंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक सैयद सलीम खुर्शीद आलम, मुजतबा अहमद खान, शेख मूसा मुशीर इनामदार, सलीम खान खादिरुज्जमा खान, शेख एहतेशाम, अराफात खान, सैयद सलमान, आबेद कादरी, डॉ. शेख मोहसिन, एडवोकेट अखिल मोमिन, गुड्डू चौस तथा वाजेद मोमिन सहित संघर्ष समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।



