
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्राकृतिक आपदा के कारण नागरिकों की मृत्यु होने पर उनके परिवारों को और घायल नागरिकों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू कर दी है। राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने सोमवार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिला कलेक्टर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें और पीड़ितों तक मदद पहुँचाएँ। इसके लिए सरकार ने माइनस (-) प्राधिकरण पत्र से राशि निकालने की अनुमति पहले ही प्रदान कर दी है, ताकि पीड़ितों को देरी के बिना सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मंत्री जाधव-पाटिल ने कहा कि भारी वर्षा या अन्य प्राकृतिक आपदा की वजह से यदि मकान ढह जाते हैं या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होते हैं, तो प्रशासन को तुरंत पंचनामा तैयार कर प्रभावितों को मुआवजा देना होगा। इसी प्रकार, स्टॉल धारकों और छोटे व्यापारियों को हुए नुकसान का भी तत्काल पंचनामा बनाकर उन्हें सहायता दी जानी चाहिए। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति ने राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित किया है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए राहत मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित नागरिकों को सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के तहत शीघ्र मदद पहुँचाई जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाए।




