
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य पुलिस क्रीड़ा प्रतियोगिताओं को ‘महा ओलंपिक’ करार देते हुए कहा कि इन खेलों के माध्यम से पुलिस बल की क्षमता, अनुशासन और खेल कौशल को व्यापक पहचान मिलती है। शुक्रवार को कलिना स्थित सशस्त्र पुलिस मुख्यालय के मैदान में 36वीं महाराष्ट्र राज्य पुलिस क्रीड़ा स्पर्धा-2026 का उनके हाथों भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में राज्यभर से आए पुलिस अधिकारी और जवानों ने आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत कर अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने क्रीड़ा ज्योति प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पार्लेकर महिला ढोल-ताशा दल ने विशेष प्रस्तुति देकर समारोह में उत्साह का संचार किया। इस मौके पर मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में शिंदे ने कहा कि पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समर्पित रहते हैं, ऐसे में उन्हें खेल के मैदान में खिलाड़ी के रूप में देखना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं से पुलिस बल में टीम भावना, प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाराष्ट्र पुलिस के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पदक हासिल किए हैं और भविष्य में उन्हें अंतरराष्ट्रीय एवं ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि वे हर मौसम और हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। ऐसे में ये खेल प्रतियोगिताएं उनके मानसिक तनाव को कम करने और आपसी समन्वय को मजबूत करने में सहायक होती हैं। मुंबई को देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था ही विकास की नींव है। सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधन, आवास और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन पुलिस बल की बहुआयामी प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त मंच है।




