
सहायक आयुक्त आरती गोलेकर के नेतृत्व में गुंडागर्दी?, बिना जांच के पुलिस ने शिकायतकर्ता को बना दिया आरोपी
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के आर/दक्षिण विभाग में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शिकायत की जानकारी मांगने पहुंचे शिकायतकर्ता महावीर यादव के साथ कथित रूप से बीएमसी सुरक्षा रक्षकों द्वारा अभद्र व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना सोमवार को सहायक आयुक्त आरती गोलेकर के कार्यालय में पीजी के दौरान घटी है। जब शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर अपनी शिकायत को लेकर सहायक आयुक्त से पीजी के लिए गया, तो लोक शिकायत (पीजी) लेने से सहायक आयुक्त ने मना कर दिया, जबकि यह उनकी ड्यूटी का हिस्सा है। वे विभाग की प्रमुख हैं। मिली जानकारी के अनुसार, महावीर यादव अपनी दुकान व मकान की पात्रता को लेकर बीएमसी प्रशासन से सन 2019 से लड़ रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त पदनामित अधिकारी अभय जगताप को पूर्व बीएमसी आयुक्त ने सर्वे का आदेश भी दिया था, लेकिन अभय जगताप ने आयुक्त के आदेशों की अवहेलना करते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। इसे लेकर महावीर यादव पीजी देने के लिए सहायक आयुक्त के पास गए। हालांकि, इस मामले से पहले भी महावीर यादव द्वारा सहायक आयुक्त को अवगत कराया गया था। अधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाय और शिकायतकर्ता को जवाब देने के बजाय सुरक्षा रक्षकों को बुलाकर गुंडागर्दी पर उतारू हो गईं। इसके बाद उनके कार्यालय से धक्का-मुक्की ही नहीं, बल्कि घसीटकर नीचे तक ले जाया गया।इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा रक्षक उन्हें जबरन बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं शाम तक यह मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा, तो पुलिस कार्रवाई करने के बजाय महावीर यादव को ही आरोपी बना दिया। मतलब न्याय मांगने पर गुंडागर्दी करो और सरकारी अधिकारी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर पुलिस पर दबाव बनाकर पीड़ित को ही आरोपी बना दिया। फिलहाल महावीर यादव का कांदिवली पश्चिम के बीएमसी अस्पताल में इलाज चल रहा है।बता दें कि यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिनों पहले पदनामित अधिकारी अभय जगताप ने एक गरीब रिक्शा चालक के साथ भी मारपीट की थी और उसके मोबाइल से वीडियो डिलीट कराया था। उस मामले में भी कांदिवली पुलिस ने सिर्फ एक एनसी दर्ज कर रिक्शा चालक को भगा दिया था। अगर उसी समय पुलिस ने पदनामित अधिकारी व सहायक आयुक्त को तलब किया होता, तो आज यह घटना शायद न घटती। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी कार्यालय में इस प्रकार की घटना को अत्यंत निंदनीय माना जा रहा है।

वहीं महावीर यादव का कहना है कि पुलिस की एकतरफा कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उनका सवाल है कि आखिर गरीबों को कब न्याय मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में लिप्त पदनामित अधिकारी अभय जगताप और सहायक आयुक्त आरती गोलेकर द्वारा पद का दुरुपयोग किया जा रहा है, तथा महिला होने का गलत फायदा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय मांगने पर घसीटकर मारना और शिकायतकर्ता को आरोपी बनाना कितना उचित है। महावीर यादव ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।




