Tuesday, April 14, 2026
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चैत्यभूमि पर डॉ. आंबेडकर जयंती: संवैधानिक आधार से भारत का लोकतंत्र सशक्त- राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिकमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर आयोजित भावांजलि कार्यक्रम में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि बाबासाहेब द्वारा प्रदत्त संविधान सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त साधन है। उनके विचारों ने वंचित, पीड़ित और कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान, समान अवसर और न्याय का मार्ग प्रदान किया, जिससे भारत का लोकतंत्र मजबूत हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधान परिषद सभापति राम शिंदे, मंत्री छगन भुजबळ, आशिष शेलार, मंगलप्रभात लोढा, संजय राठौड़, संजय शिरसाट, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे तथा महापौर ऋतु तावडे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि स्त्री-पुरुष समानता के क्षेत्र में भी डॉ. आंबेडकर अग्रणी थे और उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने महाड़ चवदार तालाब सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के अवसर पर जातिवाद से मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. आंबेडकर के आर्थिक विचार आज भी वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में किए गए उनके शोध के आधार पर भारत में केंद्रीय बैंक की आवश्यकता सामने आई, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हुई। उनका प्रसिद्ध शोध “द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी” आज भी आर्थिक नीतियों की आधारशिला माना जाता है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि मानवता के भी शिल्पकार हैं। उनका जीवन शोषित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने इंदू मिल में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्मारक को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बताया। वहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि चैत्यभूमि केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि बाबासाहेब के विचारों का ऊर्जा केंद्र है। उन्होंने समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों को समाज में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी मान्यवरों ने डॉ. आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की तथा भिक्षुओं को चिवरदान किया गया। इस अवसर पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। साथ ही सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के एक वर्ष के कार्यकाल पर आधारित पुस्तक “समाजनायक संजय शिरसाट” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में अनुयायी उपस्थित रहे।

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