
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को “विश्वगुरु” बताती है, लेकिन एक भी बड़ी परीक्षा बिना विवाद और अव्यवस्था के आयोजित नहीं कर पा रही है। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण कुछ परीक्षा केंद्रों पर सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी, जिससे परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
“NEET, CBSE, SSC और CUET—एक भी परीक्षा ठीक से नहीं हुई”
सोशल मीडिया मंच एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा- NEET, CBSE, SSC और आज CUET। चार परीक्षाएं, एक करोड़ छात्र। इनमें से एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं कराई जा सकी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं को “विश्वगुरु” कहती है, लेकिन देश में एक भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित करने में सक्षम नहीं है।
“मोदी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियां और प्रशासनिक लापरवाही छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं, वही पीढ़ी आपको जवाबदेह ठहराएगी।”
CBSE और NEET विवाद का भी उठाया मुद्दा
इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने Central Board of Secondary Education से जुड़े मुद्दों और NEET परीक्षा विवाद को लेकर भी सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बावजूद प्रधानमंत्री की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई न होना चिंताजनक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य की चिंता करने के बजाय अपनी राजनीतिक छवि और सत्ता बचाने की अधिक चिंता है।
छात्रों का वीडियो भी किया साझा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर उन छात्रों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया, जिन्होंने NEET परीक्षा में हिस्सा लिया था। वीडियो में छात्रों ने पेपर लीक, परीक्षा की पारदर्शिता और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। कांग्रेस लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाती रही है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।



