
मुंबई/पुणे (इंद्र यादव)। पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में राज्य आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।राज्य आबकारी आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की। 29 मई 2026 को पुणे आबकारी अधीक्षक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई नहीं की गई।रिपोर्ट के अनुसार, 26 से 28 मई के बीच पुणे के दापोडी स्थित संजय नगर झुग्गी बस्ती में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा हड़पसर और कालेपडल क्षेत्रों में भी जहरीली शराब पीने से मौतों की घटनाएं सामने आईं। पूरे मामले में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध शराब की आपूर्ति राधेश्याम प्रजापति द्वारा की गई थी, जिसे आगे योगेश वानखेड़े ने बेचने से पहले उसमें मिथेनॉल जैसे खतरनाक रसायन की मिलावट की। इसके बाद यह जहरीली शराब विभिन्न स्थानीय तस्करों के माध्यम से अलग-अलग इलाकों में बेची गई। आबकारी आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों और उड़नदस्तों ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। यदि नियमित गश्त और सख्त निगरानी की गई होती तो यह दुखद हादसा रोका जा सकता था और कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। निलंबित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुणे आबकारी कार्यालय रहेगा। वे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। साथ ही उन्हें किसी भी निजी व्यवसाय या नौकरी में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ अतिरिक्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।



