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माथाडी कामगारों से 50 किलो से अधिक वजन उठवाने पर लगेगी रोक, जल्द जारी होगा परिपत्रक : श्रम मंत्री आकाश फुंडकर

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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्य में माथाडी कामगारों (हमाल श्रमिकों) के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनसे 50 किलोग्राम से अधिक वजन की ढुलाई और हैंडलिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए जल्द ही एक अलग परिपत्रक जारी करेगी। बुधवार को श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा 30 अगस्त 1999 को जारी किए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने की। बैठक में मंत्री फुंडकर ने कहा कि इस विषय पर माथाडी कामगार संगठनों और व्यापारी संगठनों के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से 50 किलो से अधिक वजन उठाने से बचना आवश्यक है तथा इसके लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही एक परिपत्रक जारी करेगी, जिसके तहत माथाडी कामगारों से केवल 50 किलोग्राम तक के भार की ही हैंडलिंग कराई जा सकेगी। इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही अन्य राज्यों में भी ऐसे निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित किया जाएगा। मंत्री फुंडकर ने बताया कि सहकार, विपणन एवं वस्त्र उद्योग विभाग द्वारा 15 अप्रैल 2026 को जारी परिपत्रक के अनुसार नाशिक जिला माथाडी एवं असुरक्षित कामगार मंडल के कार्यक्षेत्र में आने वाली सभी कृषि उपज मंडियां, उपमंडियां, व्यापारी संगठन, परिवहन व्यवसाय, बीज महामंडल, वेयरहाउसिंग संस्थाएं तथा अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी उद्योग या व्यवसाय में 50 किलोग्राम से अधिक वजन का माल श्रमिकों से चढ़वाने-उतारने या उठवाने का कार्य न कराया जाए। इसके अलावा श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन करने को कहा गया है। मंत्री ने अधिकारियों को इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व विधायक एवं माथाडी कामगार नेता नरेंद्र पाटील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इसके अलावा श्रम विभाग की प्रधान सचिव आई.ए. कुंदन, श्रम आयुक्त डॉ. एच.पी. तुम्मोड, विभागीय अधिकारी, माथाडी कामगार संगठनों के प्रतिनिधि तथा व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का मानना है कि इस कदम से माथाडी कामगारों को भारी वजन उठाने से होने वाली शारीरिक समस्याओं, दुर्घटनाओं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों से राहत मिलेगी तथा उनके कार्यस्थल की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा।

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