
इंद्र यादव/मुंबई/बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभागीय वन अधिकारी (DFO) श्रीनिवास लखमावाड को कथित तौर पर 45 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि कार्रवाई से कुछ घंटे पहले ही लखमावाड उपमुख्यमंत्री एवं बीड की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना समिति (DPC) की बैठक में शामिल हुए थे। जिले में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लखमावाड भी मौजूद थे। बैठक समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद ACB की कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई। जानकारी के अनुसार, ACB को शिकायत मिली थी कि एक काम के एवज में कथित तौर पर बड़ी रकम की रिश्वत मांगी गई है। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB की विशेष टीम ने जाल बिछाया और लखमावाड के आवास पर कार्रवाई की। आरोप है कि जैसे ही 45 लाख रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ, ACB की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया और कथित रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ घंटे पहले ही आरोपी अधिकारी जिले की महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा में शामिल था और इसके तुरंत बाद इतनी बड़ी रिश्वत की रकम से जुड़े मामले में उसकी गिरफ्तारी सामने आई। ACB अब इस मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी में किसी अन्य अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिए की भूमिका तो नहीं है। इसके साथ ही आरोपी अधिकारी से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य संभावित ठिकानों से संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

