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शिक्षा से ही मिलेगा सम्मान और अधिकार, सहारिया समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता: डीएम गौरांग राठी

देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। सहारिया समुदाय के बच्चों और परिवारों के समग्र विकास तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरांग राठी ने की।कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि “शिक्षित होने पर ही सम्मान और अधिकार मिलते हैं। सहारिया समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहारिया समुदाय के पात्र परिवारों और बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित क्षेत्रीय भ्रमण और प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करें।कार्यशाला में विशेष आमंत्रित आईजी आकाश कुलहरि ने सुझाव दिया कि सहारिया समुदाय के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रेरणास्रोत बनाया जाए, ताकि अन्य बच्चे भी उनसे प्रेरणा लेकर शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि विकासखंड बबीना के लगभग 20 सहारिया बहुल गांवों का सर्वे कराया गया है। सर्वे में शिक्षा, रोजगार, पलायन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति का आकलन किया गया।सीडीओ ने बताया कि कार्ययोजना के तहत पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ा जाएगा। पलायन रोकने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी पात्र परिवारों के राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन और अन्य आवश्यक दस्तावेज शत-प्रतिशत बनवाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी ने बताया कि सहारिया परिवारों को मिलने वाले 19 प्रकार के सरकारी लाभों की निगरानी के लिए गूगल शीट आधारित डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिससे योजनाओं की प्रगति का नियमित मूल्यांकन किया जा सकेगा।परमार्थ समाजसेवी संस्थान के संजय सिंह ने सहारिया समुदाय के विकास के लिए तैयार कार्ययोजना, शिक्षा संस्कार केंद्र तथा ‘सबल’ और ‘कवच’ परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, अपर पुलिस अधीक्षक अरीवा नोमान, जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सहारिया समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने भी समुदाय के विकास को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

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