
मुंबई। राज्य के स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और स्वच्छता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, मुफ्त गणवेश योजना तथा स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही भौतिक सुविधाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में आयोजित राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मंत्री भुसे ने सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों में पोषण आहार की गुणवत्ता, भोजन तैयार करने और भंडारण की व्यवस्था, भोजन स्थल की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, भवन मरम्मत, ई-सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और खेल मैदानों की नियमित एवं सख्त जांच करें। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता, मात्रा या स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित मुख्याध्यापक, केंद्र प्रमुख और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री भुसे ने मुफ्त गणवेश योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को वितरित किए जा रहे गणवेश की गुणवत्ता उत्कृष्ट होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि यदि कहीं निम्न स्तर के गणवेश पाए गए तो संबंधित आपूर्तिकर्ताओं के साथ-साथ मुख्याध्यापक, स्कूल प्रबंधन समिति और शिक्षा अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्राओं के लिए सभी स्कूलों में उपयोग योग्य, स्वच्छ और दिव्यांग अनुकूल शौचालय उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन उनकी नियमित देखभाल स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए मंत्री भुसे ने जिला नियोजन समिति, रोजगार गारंटी योजना, गौण खनिज निधि, जनप्रतिनिधियों के विकास निधि तथा जनसहभागिता के माध्यम से संसाधन जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने आकांक्षी जिलों और तालुकों में शिक्षा के साथ स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले तालुकों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही स्कूल प्रवेशोत्सव, स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित उत्कृष्ट परेड और अन्य नवाचारों के लिए शिक्षकों तथा अधिकारियों की सराहना भी की। बैठक में प्रधान सचिव रणजीत सिंह देओल ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। स्कूल शिक्षा आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने बारिश के मौसम में खाद्य सामग्री खराब होने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वहीं प्राथमिक शिक्षा निदेशक शरद गोसावी ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करने, रसोइयों और सहायकों को प्रशिक्षण देने तथा प्रत्येक स्कूल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य की लगभग 85 प्रतिशत स्कूलों में पोषण आहार के लिए किचन गार्डन (परसबाग) विकसित किए जा चुके हैं।

