
मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) का देश का सबसे बड़ा और पसंदीदा केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में आयोजित ‘GCCPros Leadership Summit’ में कहा कि राज्य में 400 नए GCC, 4 लाख उच्च कौशल आधारित रोजगार और 50,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक GCC केवल बैक-ऑफिस सेवाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, उत्पाद विकास, वित्तीय सेवाएं, डेटा एनालिटिक्स तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट के वैश्विक केंद्र बनेंगे, जहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यावसायिक निर्णय भी लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास मुंबई की मजबूत वित्तीय व्यवस्था, पुणे की इंजीनियरिंग एवं आईटी क्षमता तथा नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों की औद्योगिक संभावनाओं के कारण GCC के लिए सबसे अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध है। उनका विश्वास है कि 2026 के अंत तक पुणे GCC क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके तहत वेतन अनुदान, पूंजीगत सहायता, ब्याज सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा, अतिरिक्त एफएसआई, भूमि उपलब्धता और 24×7 संचालन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। फडणवीस ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप AI इंजीनियर, डेटा विश्लेषक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, सेमीकंडक्टर इंजीनियर, प्रोडक्ट मैनेजर और बायोटेक विशेषज्ञ जैसे पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसलिए उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर भविष्य के कौशल विकसित करने होंगे। उन्होंने बताया कि मुंबई-पुणे के अलावा नवी मुंबई, नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर में भी विशेषीकृत GCC विकसित किए जाएंगे, ताकि राज्यभर में निवेश और रोजगार का संतुलित विस्तार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में GCC की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ये केंद्र केवल निवेश ही नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, वैश्विक कार्य संस्कृति और उच्च मूल्य वाले रोजगार भी लेकर आएंगे।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, GCCPros के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्मी प्रभाकर सिंह, सह-संस्थापक नीलेश देशमुख सहित अनेक उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

