Homeउत्तर प्रदेशग्राम डेली में विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन

ग्राम डेली में विश्व आदिवासी दिवस का भव्य आयोजन

देवेश प्रताप सिंह राठौर / झांसी, उत्तर प्रदेश। विकासखंड बबीना के ग्राम डेली में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मान शबरी सहारिया आदिवासी कल्याण समिति के तत्वावधान में भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं, अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, संगठन और सामाजिक विकास को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। आयोजन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, संगठन पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक राजीव पारीछा ने कहा कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में इस समाज की भूमिका सदियों से महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, सड़क, पानी, आवास और सामाजिक उत्थान से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। विशिष्ट वक्ता श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने आपसी सहयोग, भाईचारे और सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने तथा युवाओं को नशामुक्ति, शिक्षा और सामाजिक सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। डॉ. संदीप सरावगी ने आदिवासी समाज के स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता पर विचार रखते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही शिक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण कर सकता है। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य, बच्चों के टीकाकरण, स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर जोर दिया तथा महिलाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। ग्राम प्रधान दशरथ अहिरवार ने आयोजन को ग्राम सभा के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि पंचायत समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा की भूमि समाजहित में उपलब्ध कराई गई है, जहां मां शबरी मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मंदिर सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। समाज प्रतिनिधि संतराम चौधरी ने आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। वहीं डॉ. बी.के. गुप्ता ने संविधान में प्रदत्त समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के अधिकारों की जानकारी देते हुए लोगों से आवश्यक दस्तावेज तैयार कर शासन की योजनाओं से जुड़ने की अपील की। समानता साथी मेवा बहन ने महिलाओं की भागीदारी को समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उपाध्यक्ष जय सियाराम भाई ने समाज की एकता और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए युवाओं को समाज सेवा और नेतृत्व के लिए आगे आने का संदेश दिया। समिति के अध्यक्ष गोपाल भाई ने अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज की पहचान, अधिकार और सम्मान को मजबूत करने का संकल्प दिवस है। संगठन मंत्री कुमारी रानी बहन ने भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम का महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण उस समय आया, जब विधायक राजीव पारीछा ने ग्राम डेली में मां शबरी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। ग्राम प्रधान दशरथ अहिरवार द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराई गई ग्राम सभा की भूमि पर वैदिक मंत्रोच्चार और समाज के वरिष्ठजनों की उपस्थिति में भूमि पूजन संपन्न हुआ। उपस्थित ग्रामीणों ने इसे आदिवासी समाज की आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामुदायिक एकता का प्रतीक बताया। आयोजन में करीब चार सौ से अधिक ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, महिलाओं एवं युवाओं को नेतृत्व में आगे लाने, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सामाजिक संगठन और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का सामूहिक संदेश दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर मान शबरी सहारिया आदिवासी कल्याण समिति की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, ग्राम पंचायत, समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं एवं समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया गया। समिति ने भविष्य में भी आदिवासी समाज की शिक्षा, जागरूकता, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक संगठन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

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