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अपर जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली में तेजी लाने के दिए निर्देश, गरीबों को त्वरित न्याय दिलाने पर जोर

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश।
कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल ने राजस्व वसूली में तेजी लाने, लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण तथा गरीबों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग कार्ययोजना बनाकर शासन द्वारा निर्धारित वसूली लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि धारा-24, धारा-34 एवं धारा-67 के अंतर्गत लंबित वादों को सूचीबद्ध कर विशेष अभियान चलाते हुए उनका शीघ्र निस्तारण कराया जाए। उन्होंने पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि “न्याय पहुंचे गरीब के द्वार” की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए गरीबों को समयबद्ध न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। सरकारी भूमि अथवा गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऐसे मामलों में मौके पर जांच कर पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा ने कर-करेत्तर वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि कई विभागों की प्रगति शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को प्रभावी रणनीति बनाकर प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को जिले के शीर्ष दस बकायेदारों पर विशेष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसडीएम सदर, मोंठ और टहरौली को संबंधित बकायेदारों से शीघ्र शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा के दौरान वाणिज्य कर विभाग की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अपर जिलाधिकारी ने बताया कि विभाग ने 153.54 करोड़ रुपये के मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 88.33 करोड़ रुपये की ही वसूली की है। उन्होंने अधिकारियों से वसूली के स्रोतों की जानकारी लेते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राज्य उत्पाद शुल्क (आबकारी) विभाग की समीक्षा करते हुए दुकानों की नियमित जांच बढ़ाने, प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने तथा शादी एवं अन्य आयोजनों के लिए एक दिवसीय लाइसेंस जारी कर राजस्व बढ़ाने के सुझाव दिए गए। वहीं मालकर, वाहन कर और यात्री कर की समीक्षा में विभाग की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। विभाग ने 14.43 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 13.65 करोड़ रुपये की वसूली की है। अधिकारियों को नए वाहनों की बिक्री पर नजर रखते हुए वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल ने न्यायिक मजिस्ट्रेटों से अधिक से अधिक वादों के निस्तारण का प्रयास करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से धारा-34, धारा-80, धारा-116 तथा धारा-24 से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन, विशेषकर गरीबों को बार-बार न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में विभागीय कार्रवाई, ऑनलाइन खसरा फीडिंग, आपदा राहत, संपूर्ण समाधान दिवस, भू-आवंटन, ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण, चकबंदी तथा आबकारी, परिवहन, खनन, वन, सिंचाई, विद्युत और वाणिज्य कर विभागों की राजस्व वसूली प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, खान अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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