
पालघर। विश्व मादक पदार्थ विरोधी दिवस के अवसर पर मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 238.18 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों और उनसे संबंधित कच्चे माल को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाने के साथ-साथ युवाओं को नशीले पदार्थों की गिरफ्त से बचाना है। पुलिस के अनुसार, नष्ट किए गए मादक पदार्थ पिछले कुछ वर्षों में दर्ज 67 अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए थे। न्यायालय की अनुमति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें तळोजा स्थित अधिकृत प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 327 किलोग्राम तैयार मादक पदार्थ नष्ट किए गए, जिनमें गांजा, चरस, एमडी, हेरोइन, कोकीन, कफ सिरप तथा ट्रामाडोल जैसी प्रतिबंधित और खतरनाक ड्रग्स शामिल थीं। इसके अलावा करीब 1,541 किलोग्राम कच्चा रासायनिक पदार्थ भी नष्ट किया गया, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ तैयार करने में किया जा सकता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स को नष्ट कर अवैध बाजार तक पहुंचने से रोकना नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है और इससे हजारों युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सकेगा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक के नेतृत्व में संपन्न हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त या तस्करी की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी बेहद आवश्यक है।



