
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्य में बढ़ती अवैध सूदखोरी (साहूकारी) पर लगाम लगाने के लिए कानून को और अधिक सख्त बनाने जा रही है। नए कानून में मौजूदा प्रावधानों की तुलना में अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया जाएगा, ताकि किसानों और आम नागरिकों का आर्थिक शोषण करने वाले अवैध साहूकारों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। सोमवार को यह जानकारी राज्य के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान दी। सहकार मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए सुलभ ऋण उपलब्ध कराने, अवैध सूदखोरी पर कठोर नियंत्रण रखने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान फसल ऋण से वंचित न रहे।
किसानों को मिलेगा वैकल्पिक बैंक ऋण
मंत्री बाबासाहेब पाटील ने बताया कि जिन किसानों को जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों में बकाया ऋण होने के कारण नया फसल ऋण मिलने में कठिनाई हो रही है, उन्हें राष्ट्रीयकृत बैंकों और अन्य पात्र बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को समय पर कृषि कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
अमरावती में अवैध सूदखोरों पर बड़ी कार्रवाई
सरकार ने जानकारी दी कि अमरावती जिले में अवैध सूदखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अब तक प्राप्त 343 शिकायतों में से 266 मामलों की जांच पूरी की जा चुकी है। इनमें से 34 मामलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि 48 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसके अलावा, महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम के तहत जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था कार्यालय, अमरावती को प्राप्त 54 शिकायतों में से 44 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। संबंधित मामलों में पीड़ित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
जिला स्तर पर गठित की गई विशेष समितियां
सहकार मंत्री ने बताया कि अवैध सूदखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रत्येक जिले में त्रिसदस्यीय प्रशासनिक समिति का गठन किया गया है, जो अवैध साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी करेगी। इसके साथ ही जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति भी गठित की गई है, जो फसल ऋण की स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करेगी, ताकि किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके और उन्हें निजी साहूकारों के चंगुल में न फंसना पड़े। सरकार ने स्पष्ट किया कि अवैध सूदखोरी के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए नए कानून में पहले से अधिक कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल किए जाएंगे, जिससे किसानों और आम लोगों का आर्थिक शोषण रोकने में मदद मिलेगी। यह विषय विधानसभा में विधायक सुलभा खोडके द्वारा उठाए गए प्रश्न के दौरान चर्चा में आया। इस दौरान कैलास पाटील, नाना पटोले, हरीश पिंपळे, हेमंत ओगले और विजय वडेट्टीवार ने भी उप-प्रश्न पूछकर चर्चा में भाग लिया।



