
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे को परभणी जिले के पालक सचिव पद से हटा दिया है। हालांकि, उनका खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त पद पूरी तरह बरकरार है और वे इस पद पर कार्यरत रहेंगे। हाल के दिनों में एफडीए आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंडे ने राज्यभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली दवाओं, मिलावटी दूध, मावा और अन्य उत्पादों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। उनकी अगुवाई में कई स्थानों पर छापेमारी की गई, बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। उनकी इन कार्रवाइयों की राज्यभर में चर्चा हो रही है। इस बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए परभणी जिले के पालक सचिव पद पर बदलाव किया है। मुंडे की जगह ग्राम विकास विभाग के सचिव डॉ. चंद्रकांत फुलकुंडवार को परभणी का नया पालक सचिव नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि तुकाराम मुंडे को परभणी का पालक सचिव उस समय बनाया गया था, जब वे दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत थे। बाद में उनकी नियुक्ति एफडीए आयुक्त के रूप में हुई, लेकिन वे पालक सचिव पद पर बने हुए थे। अब सरकार ने उस जिम्मेदारी में बदलाव किया है। सरकारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव केवल पालक सचिव पद से संबंधित है। तुकाराम मुंडे के एफडीए आयुक्त पद में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और वे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का कामकाज पहले की तरह संभालते रहेंगे। इसके अलावा सरकार ने कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह को अकोला जिले का नया पालक सचिव नियुक्त किया है।प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जबकि तुकाराम मुंडे का एफडीए आयुक्त के रूप में कार्यकाल और उनकी मिलावट विरोधी मुहिम पहले की तरह जारी रहेगी।



