
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की पार्सल परिवहन सेवा संचालित करने वाली कंपनी का अनुबंध रद्द किए जाने के बाद राज्यभर में पार्सल सेवा अचानक ठप हो गई है। एसटी प्रशासन के अनुसार निविदा की शर्तों और नियमों का बार-बार उल्लंघन किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। हालांकि इस फैसले से हजारों ग्राहकों, व्यापारियों और कर्मचारियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। एसटी बसों के माध्यम से पार्सल परिवहन सेवा के संचालन का ठेका Henex International Technologies Pvt. Ltd. को दिया गया था। कंपनी का अनुबंध 30 नवंबर 2027 तक वैध था, लेकिन करार की विभिन्न शर्तों के उल्लंघन की शिकायतों और जांच के बाद एसटी प्रशासन ने अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। एसटी महामंडल के महाप्रबंधक द्वारा 19 जून को जारी आदेश के अनुसार राज्यभर के सभी पार्सल कार्यालयों का तत्काल प्रभाव से कब्जा लेने के निर्देश दिए गए हैं। नए ठेकेदार की नियुक्ति होने तक ये कार्यालय एसटी प्रशासन के नियंत्रण में रहेंगे। इस कार्रवाई के बाद शनिवार मध्यरात्रि से कई स्थानों पर पार्सल सेवा बंद हो गई। विभिन्न डिपो और बस स्टेशनों पर बड़ी संख्या में पार्सल अटके हुए हैं, जिससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है। वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण पार्सल स्वीकार करने और उनकी डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हुई है। एसटी पार्सल सेवा पर निर्भर व्यापारी, उद्योगपति और आम नागरिकों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण दस्तावेज, औद्योगिक सामग्री, दवाइयां और व्यावसायिक सामान समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे कई व्यावसायिक लेन-देन प्रभावित हो रहे हैं। संबंधित लोगों का कहना है कि आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्हें मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजर एसटी प्रशासन द्वारा नई व्यवस्था लागू किए जाने और पार्सल सेवा को पुनः सुचारु रूप से शुरू करने पर टिकी हुई है।

