
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण आज विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इनसे बचाव के लिए योग एक प्रभावी एवं रामबाण उपाय है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित योगाभ्यास कर स्वयं को जीवनशैली संबंधी बीमारियों से सुरक्षित रखना चाहिए। मुख्यमंत्री जुहू बीच स्थित फूड कोर्ट के समीप आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, सांसद रवींद्र वायकर, विधायक अमित साटम, शिवप्रकाश, केशव उपाध्ये, पवन त्रिपाठी, दीप्ती वायकर, उषा बेन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति नियमित रूप से योग करता है, वह जीवन की किसी भी मानसिक परिस्थिति और चुनौती का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है। इसलिए योग विद्या का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योग कर शरीर को स्वस्थ और मन को प्रसन्न रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव भारत ने संयुक्त राष्ट्र में रखा था, जिसे रिकॉर्ड समय में और बिना किसी विरोध के स्वीकृति मिली। भारत की इस पहल के कारण आज पूरी दुनिया में योग का व्यापक प्रसार हुआ है और विश्व ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मनुष्य केवल शरीर नहीं, बल्कि मन और आत्मा का भी समन्वय है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, आत्मा और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम भी है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाता है। कार्यक्रम में शिवप्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं विभिन्न योगासन कर उपस्थित लोगों को योग का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षक, योग साधक और नागरिक उपस्थित रहे।



